Category: bhAgavatam

  • परमहंसप्रिया

    श्रीगणेशाय नमः । प्रकाशकीय नमाम्यभोगिपरिवारसम्पदं निरस्तभूतिमनुमार्धविग्रहम् । अनुग्रमुन्मृदितकाललाञ्छनं विना विनायकमपूर्वशङ्करम् ॥ श्रीमद्भागवत के प्रथम श्लोक ‘जन्माद्यस्य यतः’ – के ऊपर विद्वत्शिरोमणि मधुसूदनसरस्वती जी ने परमहंसप्रिया नामक व्याख्या लिखी है । यह व्याख्या अद्वैत वेदान्त के संन्यासी जिज्ञासुओं के लिये विचारणीय है । इस ग्रन्थ में महावाक्य का विचार हुआ है । पूर्व में यह व्याख्या…